Saturday, 3 August 2013


वाह मनमोहन वाह कोनसा मोनव्रत रखा हे आपने
यह मोनव्रत अब भारी पड़ने लगा हे हिन्दुस्थान को
चीन तो एक बाद एक चाल चल रहा हे
चीन ने फिर से अपने भोहे तान रखी हे लदाख पर

वाह मनमोहन वाह कोनसा मोनव्रत रखा हे आपने
यह मोनव्रत अब भारी पड़ने लगा हे हिन्दुस्थान को
चीन अपनी ओकात में आ जाना वरना भारी पड़ेगी यह जंग
मत सोच यह की हिन्दुस्थान कुछ नहीं कर सकता
अब यह सोचले की कही तुम्हे उलटे पाँव ही दोड़ना पड जाय

वाह मनमोहन वाह कोनसा मोनव्रत रखा हे आपने
यह मोनव्रत अब भारी पड़ने लगा हे हिन्दुस्थान को
हिन्दुस्थानी फोजी ने अमेरिकी नोटों को जला डाला
चीन कान खोलकर सुन ले हमारी सरकार नपुसंग हे
वरना 
हिन्दुस्थान तो होगा चीन का नामो निसान नहीं होगा

वाह मनमोहन वाह कोनसा मोनव्रत रखा हे आपने
यह मोनव्रत अब भारी पड़ने लगा हे हिन्दुस्थान को
नेहरु ने तो कह दिया की हिन्दू चीनी भाई भाई
चीन तुमने तो विश्वास ज्ञात किया अब तो हद हो गयी हे
अब तो एक एक हिन्दुस्तानी तेरे चीन पर भारी पड़ेगा

वाह मनमोहन वाह कोनसा मोनव्रत रखा हे आपने
यह मोनव्रत अब भारी पड़ने लगा हे हिन्दुस्थान को
सेना के बंधे हाथ को खोलदे यही सही समय हे हिन्दुस्थान का
वर्ना मुसीबत में न फस जाये हिन्दुस्थानी चीनी की चाल में
अब अटेकिंग होगा तो वोह होगा पहाड़ी वालो जंगलो में

वाह मनमोहन वाह कोनसा मोनव्रत रखा हे आपने
यह मोनव्रत अब भारी पड़ने लगा हे हिन्दुस्थान को
हिन्दुस्तानी सरकार सेना कहती एक बार हाथ खोलकर तो देख
चीन को सबक सिखाये बिना रहेंगे नहीं
चीन की चाल में उसी को फसा देंगे बिज्जिंग में पीठ बिछा देंगे हम

वाह मनमोहन वाह कोनसा मोनव्रत रखा हे आपने
यह मोनव्रत अब भारी पड़ने लगा हे हिन्दुस्थान को

लेखक
सीरवी सुखाराम सोलंकी चेन्नई कोलथूर
( मारवाड़ में कुशालपुरा तहसील रायपुर जिला पाली )

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