मेरे सभी प्रिय दोस्तों को होली की हार्दिक शुभकामनाए
मेरे सभी दोस्तों को निवेदन हे की आप सभी विल्लिवाकम भडेर चेन्नई में जरुर आइये
और आप सभी जने चंग फागन का आनन्द लीजिये और साथ में ढोल के डाका पर डांडिया
गेर का आनन्द लीजिये और आप सभी जने मारवाड़ी पोसाक में जरुर आना
कल होली दहन हैं और हम सब इसको बड़ी ही धूम धाम से मनाते आ रहे हैं
कल रात को होली दहला दी जाएगी पल-पल की खुसिया से सा जायेंगे
क्रोध को छोड़ देंगे मुस्कराट जोड़ देंगे
भूले हुये मार्ग को ढूंड लेंगे अपनी मंजिल बना देंगे
एक दुसरे के रंग में डूब जायेंगे
दुश्मनो को दोस्त बना देंगे
रिस्तो की बोहार बिछा देंगे
एक दुसरो को गले लगायेगे
रंगों की खूब बोछार करेंगे
शेर कभी छुपकर शिकार नहीं करते
बुजदिल कभी खुलकर वार नहीं करते
हम वोह हे जो होली खेलने के लिये
होली का इंतजार नहीं करते
होली एक पवित्र त्यौहार हैं इसको मिठास के साथ मनाये पुरे परिवार और पुरे समाज के साथ मिलकर
इसको पवित्र बनाये पक्के रंग व् गुलाल उड़ेल कर इस पवित्र का त्यौहार मनाये
यह होली अपनों का त्यौहार हैं प्यार ओर मिठास का त्यौहार हैं मान ओर सम्मान का त्यौहार हैं
इस होली को यादगार बनाये
इसी आशा के साथ आपका अपना दोस्त ( सीरवी सुखाराम सोलंकी )
मेरे सभी दोस्तों को निवेदन हे की आप सभी विल्लिवाकम भडेर चेन्नई में जरुर आइये
और आप सभी जने चंग फागन का आनन्द लीजिये और साथ में ढोल के डाका पर डांडिया
गेर का आनन्द लीजिये और आप सभी जने मारवाड़ी पोसाक में जरुर आना
कल होली दहन हैं और हम सब इसको बड़ी ही धूम धाम से मनाते आ रहे हैं
कल रात को होली दहला दी जाएगी पल-पल की खुसिया से सा जायेंगे
क्रोध को छोड़ देंगे मुस्कराट जोड़ देंगे
भूले हुये मार्ग को ढूंड लेंगे अपनी मंजिल बना देंगे
एक दुसरे के रंग में डूब जायेंगे
दुश्मनो को दोस्त बना देंगे
रिस्तो की बोहार बिछा देंगे
एक दुसरो को गले लगायेगे
रंगों की खूब बोछार करेंगे
शेर कभी छुपकर शिकार नहीं करते
बुजदिल कभी खुलकर वार नहीं करते
हम वोह हे जो होली खेलने के लिये
होली का इंतजार नहीं करते
होली एक पवित्र त्यौहार हैं इसको मिठास के साथ मनाये पुरे परिवार और पुरे समाज के साथ मिलकर
इसको पवित्र बनाये पक्के रंग व् गुलाल उड़ेल कर इस पवित्र का त्यौहार मनाये
यह होली अपनों का त्यौहार हैं प्यार ओर मिठास का त्यौहार हैं मान ओर सम्मान का त्यौहार हैं
इस होली को यादगार बनाये
इसी आशा के साथ आपका अपना दोस्त ( सीरवी सुखाराम सोलंकी )


No comments:
Post a Comment