Wednesday, 16 May 2012

Sohan Lal.DAT



सुखाराम सोलंकी सीरवी

मेरा गाँव मेरी ज़िन्दगी !
यहाँ की फिजा में घुली है एक ऐसी महक जिसके साथ ही मेरा दिल धड़कता है !
यहाँ है सच्चे, सीधे, सहयोगी, मिलनसार, आव-भगत करने वाले लोग
जो शहरी लफंगता से कोसों दूर हैं !
गाँव की मिट्टी से निकला सपूत ही इसके लाज रखता है !
ऐसा है मेरा गाँव ऐसा हे मारो मारवाड

सभी दोस्तों से निवेदन हे की इस विडियो को जरुर देखे और जरुर सुने

जय माता दी सा

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