सुखाराम सोलंकी सीरवी
मेरा गाँव मेरी ज़िन्दगी !
यहाँ की फिजा में घुली है एक ऐसी महक जिसके साथ ही मेरा दिल धड़कता है !
यहाँ है सच्चे, सीधे, सहयोगी, मिलनसार, आव-भगत करने वाले लोग
जो शहरी लफंगता से कोसों दूर हैं !
गाँव की मिट्टी से निकला सपूत ही इसके लाज रखता है !
ऐसा है मेरा गाँव ऐसा हे मारो मारवाड
सभी दोस्तों से निवेदन हे की इस विडियो को जरुर देखे और जरुर सुने
जय माता दी सा
No comments:
Post a Comment